समग्र साधना - मनुष्य के आत्म-विकास का दर्शन और अभ्यास
"समग्र साधना का लक्ष्य विक्षोभ-रहित जीवन नहीं, बल्कि ऐसा अविभाजित व्यक्तित्व है जिसमें स्वभाव, कर्तव्य, आकांक्षा और चेतना एक ही दिशा में प्रवाहित हों।"

अरुणप्रकाश - मेरा दार्शनिक दिशा-बोध
"दर्शन ने मुझे अंतिम उत्तर नहीं दिए; उसने मुझे जीवन-यात्रा में जाग्रत रहना, प्रश्न पूछना और अपने स्वभाव को स्वधर्म में रूपांतरित करना सिखाया।"

कान्त - पश्चिमी दर्शन की मेरी आधारशिला
"कान्त ने मुझे सिखाया कि दर्शन की शुरुआत उत्तरों से नहीं, बल्कि सही प्रश्न पूछने के साहस से होती है।"

हेगेल - सतत् उद्घाटन के दार्शनिक
"इतिहास घटनाओं का क्रम नहीं, बल्कि मानव चेतना का सतत् उद्घाटन है।"

नीत्शे - आत्म-अतिक्रमण के दार्शनिक
"मनुष्य कोई अंतिम उपलब्धि नहीं; वह अपनी ही संभावनाओं की ओर बढ़ता हुआ एक सेतु है।"

हाइडेगर - अस्तित्व के दार्शनिक
"हम अस्तित्व को नहीं रचते; हम केवल उसके प्रति अधिक सजग होना सीखते हैं।"
