“प्रौद्योगिकी सुख का निर्माण नहीं करती; वह केवल उन परिस्थितियों का निर्माण कर सकती है जिनमें मनुष्य सुख का अनुभव कर सके।”


“प्रौद्योगिकी सुख का निर्माण नहीं करती; वह केवल उन परिस्थितियों का निर्माण कर सकती है जिनमें मनुष्य सुख का अनुभव कर सके।”

“शेक्सपियर मनुष्य की व्याख्या नहीं करते; वे हमें उसे अधिक पूर्णता से जीने की क्षमता देते हैं।”

“जीवन समय के भीतर घटित होता है; जागरण उस साक्षी में, जो समय को भी आते-जाते देखता है।”

“समस्या अंतिम लट्टू खोजने की नहीं; उस साक्षी को पहचानने की है जो स्वप्न और जागरण दोनों में उपस्थित है।”

“जब ज्ञान स्वयं से यह पूछना आरम्भ करता है कि मैं किस प्रकार का मनुष्य बना रहा हूँ, तभी वह प्रज्ञा में रूपान्तरित होता है।”

“प्रज्ञा का अर्थ अपने सत्य की रक्षा करना नहीं, बल्कि अपनी समझ को निरन्तर विस्तृत करते रहना है।”
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